Faq सामान्य जिज्ञासाएं

MUDRA, which stands for Micro Units Development & Refinance Agency Ltd., is a financial institution set up by Government of India for development and refinancing of micro units enterprises. It was announced by the Hon’ble Finance Minister while presenting the Union Budget for FY 2016. The purpose of MUDRA is to provide funding to the non-corporate small business sector through various Last Mile Financial Institutions like Banks, NBFCs and MFIs. मुद्रा यानी माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनैन्स एजेंसी लि. सूक्ष्म इकाइयों के विकास तथा पुनर्वित्तपोषण से संबंधित गतिविधियों हेतु भारत सरकार द्वारा गठित एक नयी संस्था है। इसकी घोषणा माननीय वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष २०१६ का बजट पेश करते हुए की थी। मुद्रा का उद्देश्य गैर निगमित लघु व्यवसाय क्षेत्र को अंतिम छोर पर स्थित विभिन्न संस्थाओं जैसे बैंकों/गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों तथा अल्प वित्त संस्थाओं के माध्यम से निधिपोषण उपलब्ध कराना है।
The biggest bottleneck to the growth of entrepreneurship in the Non–Corporate Small Business Sector (NCSBS) is lack of financial support to this sector. More than 90% of this sector does not have access to formal sources of finance. GoI is setting up MUDRA Bank through a statutory enactment for catering to the needs of the NCSBS segment or the informal sector for bringing them in the mainstream. गैर-निगमित लघु व्यवसाय क्षेत्र (एनसीएसबीएस) में उद्यमिता के विकास की सब से बड़ी बाधा है क्षेत्र को वित्तीय सहायता का उपलब्ध न होना। इस क्षेत्र के ९०% से अधिक हिस्से को औपचारिक स्रोतों से वित्त उपलब्ध नहीं हो पाता। भारत सरकार एक सांविधिक अधिनियमन के अंतर्गत मुद्रा बैंक की स्थापना कर रही है, ताकि एनसीएसबीएस घटक अथवा अनौपचारिक क्षेत्र की आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके और उन्हें मुख्य धारा में लाया जा सके। जब तक मुद्रा लि. के रुप में एक गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी की स्थापना के लिए मुद्रा बैंक हेतु अधिनियम पारित नहीं हो जाता तब तक इसे सिडबी की सहायक संस्था के रूप में स्थापित किया गया है।
MUDRA would be responsible for refinancing all Last Mile Financiers such as Non-Banking Finance Companies, Micro Finance Institutions, Societies, Trusts, Section 8 Companies [formerly Section 25], Small Finance Banks and Regional Rural Banks which are in the business of lending to micro/small business entities engaged in manufacturing, trading and services activities as well as agri-allied activities. MUDRA would also partner with State/Regional level financial intermediaries to provide finance to Last Mile Financier of small/micro business enterprises. मुद्रा अंतिम छोर पर स्थित उन सभी वित्तपोषकों, जैसे लघु व्यवसायों के वित्तपोषण में संलग्न विभिन्न प्रकार की गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, समितियों, न्यासों, धारा ८ (पूर्ववर्ती धारा २५) की कंपनियों, सहकारी समितियों, छोटे बैंकों, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों तथा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को पुनर्वित्त उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी होगा, जो विनिर्माण, व्यापार तथा सेवा- गतिविधियों में लगी सूक्ष्म/लघु व्यवसाय इकाइयों को ऋण प्रदान करते हैं। यह बैंक राज्य/क्षेत्रीय स्तर के मध्यवर्ती समन्वयकों के साथ भागीदारी करेगा, ताकि लघु/सूक्ष्म व्यवसाय उद्यमों के अंतिम छोर पर स्थित वित्तपोषकों को वित्त उपलब्ध कराया जा सके।
Under the aegis of Pradhan Mantri MUDRA Yojana (PMMY), MUDRA has already created its initial products / schemes. The interventions have been named ‘Shishu’, ‘Kishor’ and ‘Tarun’ to signify the stage of growth / development and funding needs of the beneficiary micro unit / entrepreneur and also to provide a reference point for the next phase of graduation / growth to look forward to. The financial limit for these schemes are:-
  • a. Shishu : covering loans upto 50,000/-
  • b. Kishor : covering loans above 50,000/- and upto 5 lakh
  • c. Tarun : covering loans above 5 lakh to 10 lakh

MUDRA’s delivery channel is conceived to be through the route of refinance primarily to Banks/NBFCs/MFIs.
At the same time, there is a need to develop and expand the delivery channel at the ground level. In this context, there is already in existence, a large number of ‘Last Mile Financiers’ in the form of companies, trusts, societies, associations and other networks which are providing informal finance to small businesses.
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तत्वावधान में, मुद्रा ने पहले से ही अपने प्रारंभिक उत्पाद/ योजनाएं तैयार कर ली हैं। इन पहलकदमियों को 'शिशु', 'किशोर' तथा 'तरुण' नाम दिए गए हैं, जो वृद्धि/विकास के चरण और लाभग्राही सूक्ष्म इकाई /उद्यमी की निधिक आवश्यकताओं के द्योतक हैं। साथ ही वे विकास/वृद्धि के अगले चरण का भी बोध करता हैं। इनकी सीमाएं निम्नवत हैं-
  • क. शिशु : ५०,०००/- तक के ऋण हेतु
  • ख. किशोर : ५०,०००/- से अधिक तथा ५ लाख तक के ऋण हेतु
  • ग. तरुण : ५ लाख से १० लाख तक के ऋण हेतु

मुद्रा की ऋण-प्रदायगी प्रणाली इस प्रकार परिकल्पित है, जिसमें मुख्यतया बैंकों/गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों/ अल्प वित्त संस्थाओं के जरिए पुनर्वित्त प्रदान किया जाएगा।
साथ ही, ज़मीनी स्तर पर वितरण चैनल का विकास तथा विस्तार करने की भी आवश्यकता है। इस सन्दर्भ में, कंपनियों, न्यासों, समितियों, संघों तथा अन्य नेटवर्कों के रूप में पहले से ही बड़ी संख्या में अंतिम छोर के वित्तपोषक मौजूद हैं, जो लघु व्यवसायों को अनौपचारिक वित्त उपलब्ध करा रहे हैं।
Non–Corporate Small Business Segment (NCSB) comprising of millions of proprietorship / partnership firms running as small manufacturing units, service sector units, shopkeepers, fruits / vegetable vendors, truck operators, food-service units, repair shops, machine operators, small industries, artisans, food processors and others, in rural and urban areas. ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में स्थित गैर निगमित लघु व्यवसाय घटक (एनसीएसबीएस), जिनमें ऐसी लाखों प्रोप्राइटरशिप/पार्टनरशिप फर्में शामिल हैं, जो लघु विनिर्माण इकाइयाँ, सेवा क्षेत्र की इकाइयाँ, दुकानदार, फल/सब्जी विक्रेता, ट्रक परिचालक, खाद्य-सेवा इकाइयां, मरम्मत की दुकानें, मशीन परिचालन, लघु उद्योग, दस्तकार, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां तथा व्यवसाय चलाते हैं।
Yes, MUDRA will be extending refinance support to RRBs for enhancing their liquidity. जी हाँ, मुद्रा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को उनकी तरलता बढ़ाने के लिए पुनर्वित्त सहायता उपलब्ध कराएगा।
MUDRA is a refinancing agency which will extend its funds to Last Mile Financiers to enable them to reach out to the sector. Access to finance in conjunction with rational price is going to be the unique customer value proposition of MUDRA. It will use a variety of innovative financing means including technology to bring down the cost of funding for the ultimate borrower. मुद्रा एक पुनर्वित्त संस्था होगी, जो अंतिम छोर के वित्तपोषकों को निधियां उपलब्ध कराएगी, ताकि वे इस क्षेत्र को वित्तपोषण उपलब्ध करा सकें। ग्राहक के लिए मुद्रा की सबसे अनूठी मूल्यवत्तापूर्ण अवधारणा होने जा रही है - उचित मूल्य पर वित्त तक आसान पहुँच। अंतिम ऋणकर्ता के लिए निधि की लागत को कम करने हेतु मुद्रा वित्तीयन के कई प्रकार के नवोन्मेषी उपाय करेगा।
MUDRA loan is available through Banks/NBFCs/MFIs for such activities. All kind of manufacturing, trading and service sector activities can get MUDRA loan. Loans are categorised into Shishu, Kishor and Tarun. These products have been designed to cater to customers operating at the lower end of the enterprise spectrum. The loans will be extended through MFIs, NBFCs, Banks, etc. ऐसी गतिविधियों के लिए बैंकों/ गैर बैंकिंग वित्त कंपनियों/अल्प वित्त संस्थाओं के माध्यम से मुद्रा ऋण उपलब्ध है। सभी प्रकार की विनिर्माण, ट्रेडिंग तथा सेवा क्षेत्र की गतिविधियों के लिए मुद्रा ऋण लिया जा सकता है। ऋणों को 'शिशु', 'किशोर', तथा 'तरुण' ऋण के रुप में वर्गीकृत किया गया है। ये उत्पाद उद्यम-जगत के निचले सिरे पर परिचालनरत ग्राहकों की आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु बनाए गए हैं। ये ऋण अल्प वित्त संस्थाओं, एनबीएफसी, बैंकों, आदि के माध्यम से उपलब्ध कराए जाएंगे।
MUDRA loans are available in three categories. For small business, loans upto 50000/- /- is available under the 'Shishu' category and beyond 50,000 and up to 5 lakh under the 'Kishor' category. It also offers loans beyond 5 lakh and up to 10 lakh under the Tarun category. Depending on the nature of business and project requirement you can access finance from one of the intermediaries of MUDRA as per the norms. मुद्रा ऋण तीन श्रेणियों में उपलब्ध है। 'शिशु' श्रेणी के अंतर्गत ५०,००० तक के छोटे ऋण तथा 'किशोर' श्रेणी के अंतर्गत ५०,००० से अधिक और ५ लाख तक के ऋण उपलब्ध कराता है। 'तरुण' श्रेणी के अंतर्गत यह ५ लाख से अधिक और १० लाख तक के ऋण भी उपलब्ध कराता है। आपकी व्यवसाय की प्रकृति तथा परियोजना की जरुरत के अनुसार आप मुद्रा की किसी भी मध्यवर्ती संस्था से मानदंडों के अनुरूप वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
Food Processing is an eligible activity for coverage under one of the MUDRA schemes. You can avail of assistance under MUDRA schemes for food processing from any financing banks/MFIs/NBFCs. खाद्य प्रसंस्करण मुद्रा की योजनाओं के अंतर्गत सहायता हेतु पात्र गतिविधि है। आप अपनी आवश्यकतानुसार मुद्रा की योजनाओं के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण हेतु किसी भी बैंक / वित्तीय संस्था, अल्प वित्त संस्था, गैर बैंकिंग कंपनियों से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
You can avail assistance under the ‘Shishu’ category through any banks/NBFCs/MFIs operating in your region, for setting up your own enterprise. आप अपने उद्यम की स्थापना हेतु अपने क्षेत्र में कार्यरत किसी भी अल्प वित्त संस्था के माध्यम से मुद्रा की अल्प ऋण योजना की 'शिशु' श्रेणी के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
MUDRA operates a special refinance scheme for traders and shopkeepers. You can avail the facilities under the scheme as per your requirements from any banks/MFIs/NBFCs in the area. मुद्रा महिला उद्यमियों हेतु 'महिला उद्यम निधि' नामक एक विशेष योजना संचालित करता है। इस योजना के अंतर्गत सभी तीन श्रेणियों यानी 'शिशु', 'किशोर' एवं 'तरुण' के अंतर्गत सहायता प्रदान की जाएगी।अल्प वित्त संस्थाओं/ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से ऋण लेने वाली महिला ऋण कर्ताओं को ब्याज दर में २५ बीपीएस की छूट मिलेगी।
You can avail assistance under the 'Shishu' category through any banks/NBFCs/ MFIs operating in your region for setting up your own enterprise. मुद्रा "व्यवसायियों तथा दुकानदारों हेतु व्यवसाय ऋण" नामक एक विशेष योजना संचालित करता है। आप इस योजना के अंतर्गत अपनी आवश्यकतानुसार अपने क्षेत्र के किसी बैंक / अल्प वित्त संस्था / गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी से सुविधाएँ प्राप्त कर सकते हैं।
Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) loans will be extended by all Public Sector Banks such as PSU banks, Regional Rural Banks (RRBs), Small Finance Banks, Private Sector Banks, Foreign Banks, Micro Finance Institutions and Non-Banking Finance Companies. All loans sanctioned on or after April 08, 2015 up to a loan size of 10 lakh for non-farm income generating activities will be branded as PMMY loans. आप अपने उद्यम की स्थापना हेतु अपने क्षेत्र में कार्यरत किसी भी अल्प वित्त संस्था के माध्यम से मुद्रा की अल्प ऋण योजना की 'शिशु' श्रेणी के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
Monitoring of PMMY progress at the State level will be done through SLBC forum and at National level by MUDRA/Department of Financial Services, Government of India. For this purpose, MUDRA has developed a portal, wherein the Banks and other lending institutions directly feed their achievement details which are consolidated by the system and reports are generated for review. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों जैसे पीएसयू बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और सहकारी बैंकों, निजी क्षेत्र के बैंकों, विदेशी बैंकों, अल्प वित्त संस्थाओं तथा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों के माध्यम से उपलब्ध होगी। ०८ अप्रैल २०१५ के बाद से गैर-कृषि क्षेत्र में आय-अर्जक गतिविधियों के लिए प्रदान किए गए १० लाख तक के सभी ऋणों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना में समाहित माना जाएगा।
Pradhan Mantri Mudra Yojana is a Government of India scheme, which enables a small borrower to borrow from banks, MFIs, NBFCs for loans upto 10 lakh for non farm income generating activities. Generally, loans upto ` 10 lakh issued by banks under Micro Small Enterprises is given without collaterals. राज्य स्तर पर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की निगरानी राज्यस्तरीय बैंकर समिति के ज़रिए और राष्ट्रीय स्तर पर मुद्रा/ वित्तीय सेवाएं विभाग, भारत सरकार द्वारा की जाएगी। इस उद्देश्य हेतु मुद्रा ने एक पोर्टल विकसित किया है, जिसमें बैंक तथा अन्य ऋणदात्री संस्थाएं सीधे अपनी उपलब्धि के विवरण भरेंगी। इसे सिस्टम द्वारा समेकित किया जाता है और समीक्षा के लिए रिपोर्टें जनरेट की जाती हैं।
Carpentary and RO water plant installation, on a business mode, are eligible activities under MUDRA loan, if the loan amount is up to 10 lakh The primary requirement for availing a MUDRA loan is to be an income generating activity under manufacturing, processing, trading and service sector as well as agri-allied activities and the loan amount is up to 10 lakh . प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) भारत सरकार की योजना है, जो छोटे उधारकर्ताओं को गैर-कृषि, आय-अर्जक गतिविधियों के लिए बैंकों, अल्प वित्त संस्थाओं, गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों से १० लाख तक के ऋण लेने की सुविधा देती है। आम तौर पर, बैंकों द्वारा सूक्ष्म/ लघु उद्यमों को १० लाख तक के ऋण बिना किसी संपार्श्विक प्रतिभूति के जारी किए जाते हैं।
Any Indian Citizen who has a business plan for a non-farm income generating activity such as manufacturing, processing, trading or service sector whose credit need is up to 10 lakh can approach either a Bank, MFI or NBFC for availing of MUDRA loans under PMMY. The usual terms and conditions of the lending agency may have to be followed for availing of loans under PMMY. The lending rates are as per the RBI guidelines issued in this regard from time to time. बढ़ईगिरी और व्यावसायिक स्तर के आरओ वॉटर प्लाण्ट इन्स्टालेशन मुद्रा ऋण के अन्तर्गत पात्र गतिविधियाँ हैं, बशर्ते ऋण राशि १० लाख से कम हो। मुद्रा ऋण की प्राथमिक शर्त यह है कि वह विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार और सेवा क्षेत्र की आय-अर्जक गतिविधि के लिए होना चाहिए तथा ऋण राशि १० लाख से कम होनी चाहिए।
There is no subsidy for the loan given under PMMY. However, if the loan proposal is linked to some Government scheme, wherein the Govt. if providing capital subsidy, it will be eligible under PMMY also भारत का कोई भी नागरिक जिसकी गैर-कृषि क्षेत्र की आय-अर्जक गतिविधि जैसे विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार अथवा सेवा क्षेत्र के वाली व्यवसाय योजना हो और जिसकी ऋण-आवश्यकता १० लाख से कम हो, वह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के अन्तर्गत मुद्रा ऋण प्राप्त करने के लिए किसी बैंक, अल्प वित्त संस्था अथवा गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी से संपर्क कर सकता है। पीएमएमवाई के अन्तर्गत ऋण लेने के लिए ऋणदात्री एजेंसी के सामान्य निबंधनों व शर्तों का पालन करना प़ड़ सकता है। उधार-दरें भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा इस सम्बन्ध में समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशानुसार होती हैं।
MUDRA which stands for Micro Units Development and Refinance Agency Ltd is a refinance agency and not a direct lending institution. MUDRA provides refinance support to its intermediaries viz. Banks, Micro Finance Institutions and NBFCs, who are in the business of lending for income generating activities in the non farm sector in manufacturing, processing, trading or service sector and who in turn will finance the beneficiaries. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत दिए जानेवाले ऋणों के लिए कोई सब्सिडी नहीं है। यदि ऋण-प्रस्ताव सरकार की किसी ऐसी योजना से संबद्ध हो, जिसमें सरकार पूँजी सब्सिडी प्रदान करती है, तब भी वह प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत पात्र होगा।
MUDRA Card is an innovative credit product wherein the borrower can avail of credit in a hassle free and flexible manner. It will provide a facility of working capital arrangement in the form of CC/OD to the borrower. Since MUDRA Card will be RuPay debit card, it can be used for drawing cash from ATM or Business Correspondent or make purchase using Point of Sale (POS) machine. Facility is also there to repay the amount, as and when, surplus cash is available, thereby reducing the interest cost. मुद्रा का पूरा नाम है- माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनैन्स एजेंसी लि.। यह एक पुनर्वित्त एजेंसी है न कि प्रत्यक्ष ऋण देने वाली संस्था। मुद्रा अपनी ऐसी मध्यवर्ती संस्थाओं जैसे- बैंकों/अल्प वित्त सस्थाओं/ गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को पुनर्वित्त प्रदान करता है, जो गैर कृषि क्षेत्र में विनिर्माण, व्यापार तथा सेवा क्षेत्र की आय-अर्जक गतिविधियों को उधार देने का व्यवसाय करती हैं और जो पुनर्वित्त पाने के पश्चात् लाभग्राहियों का वित्तपोषण करेंगी।
Yes. MUDRA Yojana is aimed at supporting all kind of income generating activities under manufacturing, processing, trading and service sector. Assistance can be availed under Micro Credit Scheme through any of the Micro finance institutions/Non-Banking Financial Companies/ Banks operating in the area. मुद्रा कार्ड एक नवोन्मेषी ऋण उत्पाद है, जिसमें उधारकर्ता बिना किसी झंझट के और लचीले तरीके से उधार ले सकता है। यह उधारकर्ता को सीसी/ओडी के रूप में कार्यशील पूँजी की सुविधा प्रदान करेगा। चूंकि मुद्रा कार्ड रुपे डेबिट कार्ड होगा, इसलिए यह एटीएम से या बिजनेस करेस्पॉण्डेंट से नकद राशि निकालने अथवा विक्रय-बिन्दु मशीन इस्तेमाल करके खरीद करने में इस्तेमाल हो सकता है। जब कभी धन की बचत हुई हो तब राशि लौटाने की सुविधा भी है, ताकि ब्याज का बोझ कम हो सके।
The terms and conditions of the loan will be governed by the rules of the lending institution and the broad guidelines of RBI. The guidance regarding the documents needed may be obtained from any of the lending institutions in your locality. हाँ। मुद्रा योजना का उद्देश्य विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार और सेवा क्षेत्र में सभी प्रकार की आय-अर्जक गतिविधियों को सहायता प्रदान करना है। इसमें अपने इलाके में कार्यरत किसी अल्प वित्त संस्था/ बैंक से अल्प ऋण योजना के अंतर्गत सहायता ली जा सकती है।
Any grievance against non-consideration of MUDRA loan can be registered with the higher authorities in the respective Bank like Regional Manager/Zonal Manager of the Bank, provided there is any lapse from the bank officials in sanctioning the loan. ऋण के निबंधन और शर्तें ऋण देनेवाली संस्था और भारतीय रिजर्व बैंक के दिशा-निर्देशों के दायरे में रहकर निर्धारित की जाएँगी। आवश्यक दस्तावेज़ों के संबंध में आप अपने इलाके की किसी भी ऋणदात्री संस्था से मार्गदर्शन ले सकते हैं।
As per the recommendations of the Working Group constituted by RBI for reviewing the Credit Guarantee Schemes for Micro Small Enterprises and accepted by RBI, Banks have been mandated not to insist for collateral security in the case of loans upto 10 lakh extended to the units in the Micro Small Enterprises sector. मुद्रा ऋण नहीं दिए जाने के विरुद्ध शिकायतें संबंधित बैंक के उच्चतर प्राधिकारियों, जैसे क्षेत्रीय प्रबंधक/आंचलिक प्रबंधक के यहाँ दर्ज़ कराई जा सकती हैं, बशर्ते ऋण मंजूर करने में बैंक के अधिकारियों की ओर से कोई चूक हुई हो।
Yes. In respect of Shishu category, a one page application format has been designed which has been posted in MUDRA website. In respect of Kishor and Tarun category, a three page indicative application format has been designed and the same is also posted in MUDRA website. सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी योजना की समीक्षा हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा गठित कार्यदल द्वारा की गई तथा रिज़र्व बैंक द्वारा स्वीकार की गई संस्तुतियों के अनुसार बैंकों को अधिदेश दिया गया है कि वे सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्षेत्र की इकाइयों को प्रदान किए गए १० लाख तक के ऋणों के मामले में संपार्श्विक प्रतिभूति की माँग न करें।
The terms and conditions of the loan will be governed by the rules and regulations of the lending institution and the broad guidelines of RBI. The lending institution will be processing the loan request, based on the merits of the proposal only. The loan amount will be decided by the requirement of the proposed income generating activity. The repayment terms will be governed by the cash flow of the enterprise and the eligibility of the borrower will be decided by the norms of lending institutions. हाँ। शिशु श्रेणी के लिए एक पृष्ठ का आवेदन प्रारूप तैयार किया गया है, जो मुद्रा वेबसाइट पर उपलब्ध है। किशोर और तरुण श्रेणी के लिए ३ पृष्ठ का निदर्शी आवेदन प्रारूप तैयार किया गया है और वह भी मुद्रा की वेबसाइट पर डाल दिया गया है।
Yes. Department of Financial Services (DFS) vide its letter dated May 14, 2015 have advised all PSBs, RRBs and Small Finance Banks regarding roll out of PMMY and to cover all loans upto loan size of 10 lakh sanctioned on or after April 08, 2015 for income generation under PMMY. DFS have also been issuing various instructions including fixing of targets branch wise to the Head Offices of the Banks which has been advised to percolate the same to their zonal/regional/branch offices. ऋण के निबंधन व शर्तें ऋणदात्री संस्था तथा भारतीय रिज़र्व बैंक के व्यापक दिशा-निर्देशों के अनुसार संचालित होंगी। ऋणदात्री संस्था सिर्फ प्रस्ताव के गुण-दोष के आधार पर ऋण-अनुरोध पर कार्रवाई करेगी। ऋण-राशि का निर्धारण आय-अर्जक गतिविधि की आवश्यकतानुसार होगा। चुकौती की शर्तें उद्यम के नकदी-प्रवाह तथा उधारकर्ता की पात्रता ऋणदात्री संस्था के मानदंडों के अनुसार निर्धारित होगी।
ऋण-राशि का निर्धारण आय-अर्जक गतिविधि की आवश्यकतानुसार किया जाएगा। चुकौती की शर्तें उद्यम में होनेवाले नकदी प्रवाह के अनुसार होंगी और उधारकर्ता की पात्रता ऋणदात्री संस्था के मापदंडों के अनुसार निर्धारित होगी।
Loan disbursement under PMMY has commenced from April 08, 2015 all over the country through all Banks, including SBI. हाँ। वित्तीय सेवाएँ विभाग ने अपने १४ मई २०१५ के पत्र के ज़रिए सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों, सभी क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों और अनुसूचित सहकारी बैंकों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लागू किए जाने और ०८ अप्रैल २०१५ के बाद आय-अर्जन के लिए मंजूर किए गए १० लाख तक के सभी ऋणों को प्रधान मंत्री मुद्रा योजना में शामिल करने की सलाह दी है। वित्तीय सेवाएं विभाग ने बैंकों के प्रधान कार्यालयों को विभिन्न निर्देश भी जारी किए हैं, जिनमें कहा गया है कि बैंक शाखा-वार लक्ष्य निर्धारित करें और अपने अंचल/क्षेत्रीय/शाखा कार्यालयों को उनसे अवगत कराएँ।
Life insurance is not mandatory for loans under PMMY. However, the terms and conditions of lending under PMMY are based on the lending policy of the respective lending institution. इस योजना के अंतर्गत देश के सभी बैंकों में ०८ अप्रैल २०१५ से ऋण संवितरण आरंभ हो गया है। इनमें भारतीय स्टेट बैंक भी शामिल है।
PAN card is not compulsory to avail PMMY loans. However, the borrower may have to satisfy the KYC requirements of the financing institutions. प्रधान मंत्री मुद्रा योजना के लिए जीवन बीमा की ज़रूरत नहीं है।
The interest rates are deregulated and the banks have been advised to charge reasonable interest rates within the overall RBI guidelines. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना ऋणों के लिए पैन कार्ड का होना ज़रूरी नहीं है। किन्तु उधारकर्ता को वित्तीय संस्था की 'ग्राहक को जानें' संबंधी अपेक्षाएँ पूरी करनी होंगी।
The matter may be escalated within the respective bank’s higher authorities. The applicant can also approach another bank or NBFC/MFI operating in the area for the loan requirement. ब्याज-दरें विनियमन-मुक्त कर दी गई हैं और बैंकों को सूचित किया गया है कि वे भारतीय रिज़र्व बैंक के व्यापक दिशा-निर्देशों के अधीन रहते हुए उचित ब्याज दरें लगाएँ।
Compliant against any bank branch can be registered with the Regional Office/Zonal Office/Head office of the respective bank. The details of the Grievance Redressal Mechanism of each bank will be available at the Bank branch. मामले को संबंधित बैंक के उच्चतर प्राधिकारी के साथ उठाया जा सकता है। आवेदक ऋण के लिए उसी क्षेत्र में कार्यरत किसी दूसरे बैंक अथवा गैर बैंकिंग वित्तीय संस्था/ अल्प वित्त संस्था के पास जा सकते हैं।
Any Indian Citizen, who is eligible to avail of loan and has a business plan for income generating activity, can avail of MUDRA loan. The loan proposal should be for setting up of a new/upgrading an existing Micro business enterprises in the manufacturing, processing, trading and service sector. किसी भी बैंक-शाखा के विरुद्ध शिकायत संबंधित बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय/अंचल कार्यालय/प्रधान कार्यालय में दर्ज़ की जा सकती है। प्रत्येक बैंक की शिकायत समाधान प्रणाली बैंक शाखा में उपलब्ध होगी।
Generally, IT returns are not insisted for small value loans. However, the requirement of documents will be advised by the concerned lending institutions based on their internal guidelines and policies. भारत का हर वह नागरिक मुद्रा ऋण ले सकता है जो ऋण लेने के लिए पात्र हो और जिसके पास आय अर्जक गतिविधि के लिए व्यवसाय-योजना हो। ऋण प्रस्ताव विनिर्माण, प्रसंस्करण, व्यापार और सेवा क्षेत्र में नए सूक्ष्म व्यवसाय उद्यम की स्थापना/पहले से विद्यमान उद्यम के उन्नयन के लिए होना चाहिए।
For Shishu loans, normally the turn-around-time for processing the loan proposals on receipt of complete information is 7 to 10 days. आम तौर पर छोटी राशि के ऋणों के लिए आय-कर विवरणियों पर बल नहीं दिया जाता। किन्तु संबंधित ऋणदात्री संस्थाएं अपेक्षित दस्तावेज़ों की जानकारी देंगी।
Any individual including women, proprietary concern, partnership firm, private limited company or any other entity are eligible applicant under PMMY loans, whose loan requirement is up to 10 lakh. शिशु ऋण के अंतर्गत प्रस्ताव पर कार्रवाई करने के लिए पूरी सूचना मिलने पर सामान्यतः ७ से १० दिन के भीतर ऋण दे दिया जाता है।
MUDRA loans would be available for purchase of CNG Tempo/Taxi, in case the applicant intends to use the vehicle for commercial purposes. कोई भी व्यक्ति, स्त्री या पुरुष, स्वामित्व-आधारित प्रतिष्ठान, भागीदारी फर्म, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी अथवा अन्य निकाय प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण के लिए आवेदन का पात्र है।
Yes. The applicant can approach the branch and apply for the loan in the format being provided by the said lending institution. The terms and conditions of the loan will be governed by the policies of the lending institution, based on the broad guidelines of RBI. The loan amount will be decided by the requirement of the proposed income generating activity and the repayment terms will be decided by the anticipated cash flow from the activity. यदि आवेदक सीएनजी टेम्पो/टैक्सी को सार्वजनिक परिवहन के तौर पर इस्तेमाल करना चाहता है तो उसकी खरीद के लिए मुद्रा ऋण मिल सकता है।
Yes. MUDRA loans are applicable for any activity which results in income generation. As Khadi is one of the eligible activities under Textile sector and in case MUDRA loans are taken for income generation, the same can be covered. हाँ। आवेदक उस शाखा से संपर्क कर सकता है और संबंधित ऋणदात्री संस्था द्वारा दिए गए प्ररूप में ऋण के लिए आवेदन कर सकता है। ऋण के निबंधन व शर्तें ऋणदात्री संस्था की नीतियों के अनुरूप होंगी, जो भारतीय रिज़र्व बैंक के दिशा-निर्देशों के व्यापक दायरे में निर्धारित होंगी। ऋण राशि का निर्धारण आय-अर्जक गतिविधि की आवश्यकतानुसार होगा तथा चुकौती की शर्तें उस गतिविधि से होनेवाले नकदी-प्रवाह के अनुरूप निर्धारित होंगी।

"MUDRA is a refinancing Institution. MUDRA does not lend directly to the micro entrepreneurs / individuals. Mudra loans under Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) can be availed of from nearby branch office of a bank, NBFC, MFIs etc. Borrowers can also now file online application for MUDRA loans on Udyamimitra portal (www.udyamimitra.in)."

Note: There are no agents or middleman engaged by MUDRA for availing of Mudra Loans. The borrowers are advised to keep away from persons posing as Agents/ facilitators of MUDRA/PMMY.

"मुड़्रा एक पुनर्वित्त संस्था है। मुड़्रा माइक्रो उद्यमियों / व्यक्तियों को सीधे नहीं उधार देते हैं। प्रधान मंत्री मुद्री योजना (पीएमएमवाई) के तहत मुद्री ऋण एक बैंक, एनबीएफसी, एमएफआई आदि के पास शाखा कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। उधारकर्ता अब भी कर सकते हैं मुद्रामित पोर्टल (www.mudramitra.in) पर मुड़ा ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। मुद्रा ऋणों का लाभ उठाने के लिए मुड़्रा द्वारा कोई एजेंट या मध्यस्थ नहीं जुड़ा हुआ है। उधारकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे मुड़्रा के एजेंट के रूप में पेश होने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।“

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