Board of Directors निदेशक मंडल

Person
Shri Bhushan Kumar Sinha डॉ. भ्रूषण कुमार सिन्हा

Dr. Bhushan Kumar Sinha belongs to the 1993 batch of Indian Economic Service. He holds a Master's degree in Business Administration (MBA) from the National Graduate School of Management (NGSM), Australian National University (ANU), Canberra, Australia and a Ph.D from the Department of Financial Studies, University of Delhi. He also holds a law degree from Delhi University.


Dr. Sinha has worked primarily in the financial sector of the economy, such as, Capital Market, Public Asset Management, Banking, etc during his postings in various Departments of the Ministry of Finance in the Government of India (GoI). He has also worked for the MSME sector during his stint with Ministry of MSME. Presently as Joint Secretary in the Department of Financial Services (DFS), Ministry of Finance, he is handling implementation of various Financial Inclusion related initiatives of GoI in the country as well as facilitating agriculture /rural credit flow with special focus on priority sector lending by banks.


Before joining DFS in May, 2018, Dr Sinha had a three-year stint as Economic Adviser in the Department of Investment & Public Asset Management (DIPAM). During this tenure, he was instrumental in steering the paradigm shift in the GoI's policy strategy by facilitating migration from 'divestment-based approach to the concept of efficient management of investments' in Central Public Sector Enterprises (CPSEs). Prior to DIPAM, Dr. Sinha was posted as Director in the Office of the Finance Minister, Government of India.


He has served as the Government Nominee Director on the Board of the Central Bank of India from 14.5.2018 to 11.4.2022. Presently, he is also a Government Nominee Director on the Boards of Industrial Finance Corporation of India (IFCI) Ltd & Bank of India.

डॉ. भ्रूषण कुमार सिन्हा भारतीय आर्थिक सेवा के 993 बैच से संबंधित हैं। आपने नेशनल ग्रेजुएट स्कूल ऑफ मैनेजमैंट (एनजीएसएम), ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (एएनयू), कैनबरा, ऑस्ट्रेलिया से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (एमबीए) में स्नातकोत्तर डिग्री और वित्तीय अध्ययन विभाग, दिल्‍ली विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने दिल्‍ली विश्वविदूयात्रय से कानून की डिग्री भी प्राप्त की है।


डॉ. सिन्हा ने वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के विभिन्‍न विभागों में अपने कार्यकाल के दौरान मुख्य रूप से अ्थव्यवस्था के वित्तीय क्षेत्र जैसे पूंजी बाजार, सार्वजनिक आस्ति प्रबंधन, बैंकिंग आदि में काम किया है। उन्होंने एमएसएमई मंत्रालय के साथ अपने कार्यकाल के दौरान एमएसएमई क्षेत्र के लिए भी काम किया है। वर्तमान मैं वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवाएँ विभाग (डीएफएस) मैं संयुक्त सचिव के रूप में वे देश में भारत सरकार की विभिन्‍न वित्तीय समावेशन संबंधी पहलों के कार्यान्वयन के साथ-साथ कृषि/ग्रामीण ऋण प्रवाह की सुविधा के साथ बैंक द्वारा प्राथमिकता क्षेत्र के वित्तीयन पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।


मई, 20॥8 में वित्तीय सेवाएँ विभाग में शामिल होने से पूर्व, डॉ सिन्हा का निवेश और सार्वजनिक आस्ति प्रबंधन विभाग (डीआईपीएएम) में आर्थिक सलाहकार के रूप में तीन वर्ष का कार्यकाल रहा था। इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों (सीपीएसई) में 'निवेश के कुशल प्रबंधन की अवधारणा के लिए विनिवेश-आधारित दृष्टिकोण' से प्रवासन की सुविधा के द्वारा भारत सरकार की नीति रणनीति में बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। दीपम (डीआईपीएएम) से पहले डॉ. सिन्हा भारत सरकार के वित्त मंत्री के कार्यात्रय में निदेशक के पद पर तैनात थे।


उन्होंने 4.5.208 से .4.2022 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के बोर्ड में सरकारी नामित निदेशक के रूप में कार्य किया है। वर्तमान में आप भारतीय औद्योगिक वित्त निगम (आईएफसीआई) लिमिटेड और बैंक ऑफ इंडिया के बोर्ड में सरकार द्वारा नामित निदेशक भी हैं।

"MUDRA is a refinancing Institution. MUDRA does not lend directly to the micro entrepreneurs / individuals. Mudra loans under Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) can be availed of from nearby branch office of a bank, NBFC, MFIs etc. Borrowers can also now file online application for MUDRA loans on Udyamimitra portal (www.udyamimitra.in).

Note: There are no agents or middleman engaged by MUDRA for availing of Mudra Loans. The borrowers are advised to keep away from persons posing as Agents/ facilitators of MUDRA/PMMY."

"मुद्रा एक पुनर्वित्त संस्था है। मुद्रा माइक्रो उद्यमियों / व्यक्तियों को सीधे नहीं उधार देते हैं। प्रधान मंत्री मुद्री योजना (पीएमएमवाई) के तहत मुद्री ऋण एक बैंक, एनबीएफसी, एमएफआई आदि के पास शाखा कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। उधारकर्ता अब भी कर सकते हैं मुद्रामित पोर्टल (www.mudramitra.in) पर मुद्रा ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। मुद्रा ऋणों का लाभ उठाने के लिए मुद्रा द्वारा कोई एजेंट या मध्यस्थ नहीं जुड़ा हुआ है। उधारकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे मुद्रा के एजेंट के रूप में पेश होने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।“

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