Board of Directors निदेशक मंडल

Person
Shri Pankaj Jain - IAS श्री पंकज जैन - आई.ए.एस.

Government Nominee Director सरकार के नामिती निदेशक

Pankaj Jain is an IAS officer of the 1990 batch, currently the Joint Secretary, Department of Financial Services, Ministry of Finance, Government of India.


He is an alumnus of Shri Ram College of Commerce from where he has a Bachelor’s degree in Commerce followed by an MBA from FMS Delhi. He is also Associate of the Institute of Cost Accountants of India.


He has worked for the Governments of Assam and Meghalaya. This encompasses being District Magistrate at Shillong and Tura along with assignments in the Secretariat and State Corporations dealing with Power, Planning, Information Technology, Livelihood Promotion and Industries as well as being Director with the Government of India in the Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises. His work experience also includes a three-year stint with the British International Aid Agency - the Department for International Development (DFID) as Governance Adviser and Senior Program Manager.


His areas of interest include Intellectual Property Rights where he has collaborated with UNIDO to develop an IPR guide for the Indian Toy Industry. He has also been a consultant to the Commonwealth Secretariat and the Asian Productivity Organisation on adoption of IT by small and medium enterprises in India and Bangladesh.

श्री पंकज जैन वर्ष 1990 के बैच के आईएएस अधिकारी हैं तथा वर्तमान में संयुक्त सचिव, वित्तीय सेवाएँ विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार में पदस्थ हैं।


वे श्रीराम कालेज आफ कामर्स के भूतपूर्व छात्र रहे हैं जहां से उन्होने कामर्स में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के पश्चात एफएमएस, नई दिल्ली से एमबीए किया है। वह इंस्टीट्यूट आफ कास्ट अकाउंटेंट्स आफ इंडिया के असोसिएट भी हैं।


उन्होने असम तथा मेघालय सरकारों में कार्य किया है जहां उन्होने शिलांग एवं तूरा में जिला मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य किया तथा सचिवालय और राज्य निगमों में बिजली, आयोजना, सूचना प्रौद्योगिकी, आजीविका संवर्द्धन तथा उद्योग क्षेत्रों से सम्बद्ध विभागों में काम किया है। वे भारत सरकार में सूक्ष्म, लघु एवं माध्यम उद्यम मंत्रालय, भारत सरकार में निदेशक भी रहे। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिटिश इन्टरनेशनल एड एजेंसी – डिपार्टमेन्ट फार इन्टरनेशनल डेवेलपमेंट (डीएफआईडी) में शासन परामर्शदाता तथा वरिष्ठ प्रोग्राम प्रबन्धक के रूप में भी तीन वर्षों तक कार्य किया है।


उनके पसंदीदा विषयों में बौद्धिक संपदा अधिकार शामिल है जिसमें उन्होंने यूनिडो के साथ मिलकर भारतीय खिलौना उद्योग के लिए आईपीआर गाइड का विकास किया है। वे भारत तथा बांग्लादेश में लघु एवं मध्यम उद्यमों द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी अपनाने हेतु कामनवेल्थ सचवालय तथा एशियाई उत्पादकता संस्थान में परामर्शदाता भी रहे हैं।

"MUDRA is a refinancing Institution. MUDRA do not lend directly to the micro entrepreneurs / individuals. Mudra loans under Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) can be availed of from nearby branch office of a bank, NBFC, MFIs etc. Borrowers can also now file online application for MUDRA loans on Mudramitra portal (www.mudramitra.in). There are no agents or middleman engaged by MUDRA for availing of Mudra Loans. The borrowers are advised to keep away from persons posing as Agents of MUDRA ." "मुड़्रा एक पुनर्वित्त संस्था है। मुड़्रा माइक्रो उद्यमियों / व्यक्तियों को सीधे नहीं उधार देते हैं। प्रधान मंत्री मुद्री योजना (पीएमएमवाई) के तहत मुद्री ऋण एक बैंक, एनबीएफसी, एमएफआई आदि के पास शाखा कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। उधारकर्ता अब भी कर सकते हैं मुद्रामित पोर्टल (www.mudramitra.in) पर मुड़ा ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। मुद्रा ऋणों का लाभ उठाने के लिए मुड़्रा द्वारा कोई एजेंट या मध्यस्थ नहीं जुड़ा हुआ है। उधारकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे मुड़्रा के एजेंट के रूप में पेश होने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।“