Board of Directors निदेशक मंडल

Person
Shri Harsh Shrivastava श्री हर्ष श्रीवास्तव

Independent Director स्वतंत्र निदेशक

Harsh Shrivastava has 23 years’ experience in advising businesses and governments on policy. Before joining as the CEO of MFIN, he was the head of corporate affairs and communication at Feedback Infra, which is India’s leading provider of infrastructure services. Earlier, he was the head of corporate affairs for Srei Infrastructure Finance. Harsh was previously in India’s Planning Commission, where he was its Consultant (Planning), managing the process of making India's 12th Plan. He has served in the Prime Minister’s Office on the personal staff of Prime Minister Vajpayee as his deputy speechwriter. He has held senior posts in Reliance Capital, Feedback Ventures, and the Confederation of Indian Industry, where he handled agribusiness and food processing. Harsh has been a journalist and wrote India’s first book on Corporate Social Responsibility, released in 1999.


Harsh has taught public policy to the founding batch of the Vedica Scholars program and taught a course on strategic public communications at IIM, Ahmedabad. He has also lectured about public policy at the Indian School of Business, both at Hyderabad and Mohali as well as the Australian National University, Canberra. Harsh has written for the op-ed pages of Mint, Economic Times, and the Indian Express. He was an Emerging Leaders Fellow at the Australia India Institute, Melbourne and selected by the US Department of State for its International Visitor Leadership Program. He was also on the board of the Meghalaya Institute of Governance.


Harsh finished his MBA from IIM, Ahmedabad in 1995

श्री हर्ष श्रीवास्तव के पास व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तथा सरकारों को नीति संबंधी परामर्श देने का 23 वर्षों का अनुभव है. एमफिन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर कार्य ग्रहण करने से पूर्व वे ढाँचागत सेवायें प्रदान करने वाली भारत की अग्रणी कम्पनी फीडबैक इन्फ्रा के नैगम मामलों तथा संप्रेषण के प्रमुख थे. इससे पूर्व वे स्रेयी इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनांस के नैगम मामलों के प्रमुख थे|


श्री हर्ष श्रीवास्तव पहले योजना आयोग के साथ जुडे रहे हैं जहाँ वे भारत की बारहवीं पंचवर्षीय योजना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया के साथ परामर्शदाता (योजना) की हैसियत से जुडे रहे. श्री वाजपेयी के प्रधानमंत्रित्व के दौरान वे प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री के व्यक्तिगत स्टाफ में उनके उप-भाषणलेखक के रूप में जुडे रहे. वे रिलायंस कैपिट्ल, फ़ीडबैक वेंचर्स तथा भारतीय उद्योग परिसंघ में वरिष्ठ पदों पर रह कर कृषि-व्यवसाय (एग्रीबिज़िनेस) तथा खाद्य प्रसंस्करण संबंधी कार्यों से जुडे रहे. वे पत्रकार भी रहे हैं तथा उन्होने नैगम सामाजिक दायित्व पर भारत में पहली पुस्तक लिखी जोकि वर्ष 1999 में प्रकाशित हुयी थी|


श्री हर्ष ने भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदबाद में वेदिक स्कालर कार्यक्रम के प्रथम बैच को पब्लिक पालिसी की शिक्षा दी तथा स्ट्रैटेजिक पब्लिक कम्यूनिकेशंस के एक पाठ्यक्रम में भी पढाया है. उन्होंने हैदराबाद तथा मोहाली में इंडियन स्कूल आफ बिज़िनेस में तथा आस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी, कैनबरा में पब्लिक पालिसी पर व्याख्यान दिये हैं. श्री हर्ष ने मिंट, एकनामिक टाइम्स तथा इंडियन एक्सप्रेस में भी लेख लिखे हैं. वे अस्ट्रेलिया इंडिया इंस्टीट्यूट, मेलबर्न में इमर्जिंग लीडर्स फेलो रह चुके हैं तथा उनका चयन यूएस डिपार्ट्मेंट आफ स्टेट द्वारा इंटरनेशनल विज़िटर लीडरशिप प्रोग्राम के लिये भी किया गया था. वे मेघालय इंस्टीट्यूट आफ गवर्नेंस के निदेशक मंड्ल के सदस्य भी रह चुके हैं|


श्री हर्ष ने अपना एमबीए भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदबाद से 1995 में किया|

"MUDRA is a refinancing Institution. MUDRA do not lend directly to the micro entrepreneurs / individuals. Mudra loans under Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) can be availed of from nearby branch office of a bank, NBFC, MFIs etc. Borrowers can also now file online application for MUDRA loans on Mudramitra portal (www.mudramitra.in). There are no agents or middleman engaged by MUDRA for availing of Mudra Loans. The borrowers are advised to keep away from persons posing as Agents of MUDRA ." "मुड़्रा एक पुनर्वित्त संस्था है। मुड़्रा माइक्रो उद्यमियों / व्यक्तियों को सीधे नहीं उधार देते हैं। प्रधान मंत्री मुद्री योजना (पीएमएमवाई) के तहत मुद्री ऋण एक बैंक, एनबीएफसी, एमएफआई आदि के पास शाखा कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। उधारकर्ता अब भी कर सकते हैं मुद्रामित पोर्टल (www.mudramitra.in) पर मुड़ा ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। मुद्रा ऋणों का लाभ उठाने के लिए मुड़्रा द्वारा कोई एजेंट या मध्यस्थ नहीं जुड़ा हुआ है। उधारकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे मुड़्रा के एजेंट के रूप में पेश होने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।“

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