Board of Directorsनिदेशक मंडल

Chairman & Nominee Director SIDBI
Shri Mohammad Mustafa - IASश्री मोहम्मद मुस्तफा - आई.ए.एस

Chairmanअध्यक्ष

Shri Mohammad Mustafa, IAS, assumed charge as Chairman & Managing Director of Small Industries Development Bank of India and as Chairman of MUDRA Ltd. w.e.f. August 28, 2017.


An IAS officer of Uttar Pradesh cadre, Shri Mustafa, prior to joining SIDBI, served asJoint Secretary, Department of Financial Services (DFS), Ministry of Finance, Government of India.He brings with him more than two decades of experience in Government Service across general administration, rural developmental initiatives, monetary economics, public finance, policy making, infrastructure development and international trade.


During his tenure at DFS, he was instrumental in implementing several path breaking initiatives viz., formulation of “Indradhanush”, a policy to revamp public sector banks amidst rising NPAs and for capital infusion in banks. He served as CMD of National Housing Bank between 2014-15. He also served as MD of CERSAI in 2016 and launched movables registry. He also served as nominee director on the boards of Andhra Bank, Union Bank of India, Bank of Baroda and New India Assurance company.


Shri Mustafa holds a post graduate degree in Philosophy and loves to apply logical thinking and analysis in his work.

श्री मोहम्मद मुस्तफा, आईएएस ने दिनांक 28 अगस्त, 2017 को भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक तथा मुद्रा लिमिटेड के अध्यक्ष के रूप में प्रभार ग्रहण किया।


उत्तर प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी श्री मुस्तफा, सिडबी में शामिल होने से पहले भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के रूप में संयुक्त सचिव के पद पर पदस्थ थे। भारतीय प्रशासनिक सेवा में अपने दो दशकों से अधिक के अनुभव के दौरान उन्होंने सामान्य प्रशासन, ग्रामीण विकास पहल, मौद्रिक अर्थशास्त्र, सार्वजनिक वित्त, नीति निर्माण, बुनियादी ढांचे के विकास और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान किया है।


डीएफएस में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अनेक नयी पहलों को कार्यान्वित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिनमें बैंकिंग में बढ़ते एनपीए के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सुधारने की नीति "इंद्रधनुष" तैयार करना, बैंकों में पूँजी प्रवाह, इत्यादि शामिल हैं। उन्होंने 2014-15 के बीच राष्ट्रीय आवास बैंक के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य किया। वे 2016 में सीईआरएसएआई के प्रबंध निदेशक रहे और चलबंदी पंजीकरण आरंभ किया। वे आंध्र बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के निदेशक मंडलों पर नामांकित निदेशक भी रह चुके हैं।


श्री मुस्तफा ने दर्शनशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है और वे तार्किक सोच और विश्लेषण के साथ काम करना पसंद करते हैं।

"MUDRA is a refinancing Institution. MUDRA do not lend directly to the micro entrepreneurs / individuals. Mudra loans under Pradhan Mantri Mudra Yojana (PMMY) can be availed of from nearby branch office of a bank, NBFC, MFIs etc. Borrowers can also now file online application for MUDRA loans on Mudramitra portal (www.mudramitra.in). There are no agents or middleman engaged by MUDRA for availing of Mudra Loans. The borrowers are advised to keep away from persons posing as Agents of MUDRA ." "मुड़्रा एक पुनर्वित्त संस्था है। मुड़्रा माइक्रो उद्यमियों / व्यक्तियों को सीधे नहीं उधार देते हैं। प्रधान मंत्री मुद्री योजना (पीएमएमवाई) के तहत मुद्री ऋण एक बैंक, एनबीएफसी, एमएफआई आदि के पास शाखा कार्यालय से प्राप्त किए जा सकते हैं। उधारकर्ता अब भी कर सकते हैं मुद्रामित पोर्टल (www.mudramitra.in) पर मुड़ा ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। मुद्रा ऋणों का लाभ उठाने के लिए मुड़्रा द्वारा कोई एजेंट या मध्यस्थ नहीं जुड़ा हुआ है। उधारकर्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे मुड़्रा के एजेंट के रूप में पेश होने वाले व्यक्तियों से दूर रहें।“

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